TMT बार कैसे बनाए जाते हैं?
- NITIN GUPTA
- Dec 26, 2025
- 3 min read
आधुनिक निर्माण उद्योग में मजबूती, टिकाऊपन और सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। चाहे छोटा सा आवासीय घर हो या विशाल पुल, हर कंक्रीट संरचना की रीढ़ होती है स्टील रिइनफोर्समेंट – और आज सबसे पसंदीदा विकल्प है TMT बार। अपनी उच्च तन्य शक्ति (tensile strength), बेहतरीन लचीलापन (ductility) और जंग-रोधी गुणों के कारण TMT बार ने आरसीसी स्ट्रक्चर के निर्माण के तरीके को पूरी तरह बदल दिया है।
लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि ये हाई-परफॉर्मेंस स्टील बार आखिर बनाए कैसे जाते हैं? साधारण स्टील रॉड से TMT बार को अलग क्या बनाता है, और इन्हें भारत के सर्वश्रेष्ठ TMT बार क्यों कहा जाता है? आइए, इसके पूरे निर्माण प्रक्रिया को आसान शब्दों में समझते हैं।
TMT बार क्या होता है?
TMT का पूरा नाम है Thermo-Mechanically Treated। TMT बार एक उच्च-मजबूती वाला रिइनफोर्समेंट स्टील बार होता है, जिसे विशेष हीट ट्रीटमेंट प्रक्रिया से गुजारा जाता है। इस प्रक्रिया के कारण इसकी बाहरी सतह बेहद कठोर होती है और अंदर का कोर नरम व लचीला रहता है। यही संरचना TMT बार को बेहतरीन भार-वहन क्षमता, भूकंप-रोधी गुण और लचीलापन प्रदान करती है।
TMT बार बनाने में उपयोग होने वाला कच्चा माल
TMT बार की गुणवत्ता उसकी कच्ची सामग्री पर निर्भर करती है। सामान्यतः निम्न सामग्री का उपयोग किया जाता है:
आयरन ओर या स्टील स्क्रैप
स्पंज आयरन
फेरो-एलॉय जैसे मैंगनीज और सिलिकॉन
इन सभी को अत्याधुनिक भट्टियों में पिघलाया जाता है ताकि रासायनिक शुद्धता और समानता बनी रहे। भारत के सर्वश्रेष्ठ TMT बार निर्माता इस स्तर पर कड़ी गुणवत्ता जांच करते हैं।
TMT बार निर्माण की स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया
1. मेल्टिंग और कास्टिंग
सबसे पहले कच्चे माल को इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस (EAF) या इंडक्शन फर्नेस में पिघलाया जाता है। अशुद्धियाँ हटाने के बाद इस पिघले स्टील को सांचों में डालकर बिलेट्स बनाए जाते हैं। ये आयताकार स्टील ब्लॉक आगे चलकर TMT बार का आधार बनते हैं।
2. बिलेट्स को दोबारा गरम करना
इन बिलेट्स को 1100–1200°C तापमान पर री-हीटिंग फर्नेस में गरम किया जाता है ताकि स्टील नरम हो जाए और शेप देने के लिए तैयार हो सके।
3. हॉट रोलिंग
गरम बिलेट्स को रोलिंग मिल से गुजारा जाता है, जहाँ उनका आकार धीरे-धीरे कम करके लंबी, रिब्ड स्टील रॉड में बदला जाता है।
4. क्वेंचिंग – TMT टेक्नोलॉजी का दिल
जैसे ही ये रॉड रोलिंग मिल से बाहर निकलती हैं, इन्हें क्वेंचिंग बॉक्स में तेज पानी के जेट से ठंडा किया जाता है। इससे बाहरी सतह तुरंत कठोर हो जाती है, जबकि अंदर का कोर गर्म और नरम रहता है।
5. सेल्फ-टेम्परिंग
क्वेंचिंग के बाद, कोर की गर्मी बाहर की ओर जाती है और सतह को प्राकृतिक रूप से टेम्पर कर देती है। इससे बार की मजबूती और क्रैक-रेजिस्टेंस बढ़ती है।
6. एटमॉस्फेरिक कूलिंग
अंत में बार को कूलिंग बेड पर धीरे-धीरे ठंडा किया जाता है, जिससे इसकी आंतरिक संरचना संतुलित हो जाती है।
यही प्रक्रिया क्यों बनाती है भारत के सर्वश्रेष्ठ TMT बार?
इस नियंत्रित हीट ट्रीटमेंट से TMT बार में मिलते हैं:
उच्च तन्य शक्ति
बेहतरीन लचीलापन
कंक्रीट से मजबूत बंधन
जंग और आग के प्रति बेहतर प्रतिरोध
TMT बार की गुणवत्ता जांच
निर्माण के बाद हर TMT बार पर कई परीक्षण किए जाते हैं:
टेन्साइल स्ट्रेंथ टेस्ट
बेंड और री-बेंड टेस्ट
केमिकल एनालिसिस
वज़न और माप की जांच
इन सभी टेस्ट में पास होने के बाद ही TMT बार बाज़ार में भेजे जाते हैं, जिससे ग्राहक को सुरक्षित और टिकाऊ निर्माण सामग्री मिल सके।
